Sunday, October 1, 2017

Friday, March 17, 2017

‘बात समझ में नहीं आयी’

चलो भई आज यहाँ जो लोग हैं उन सबसे एक सवाल… आप में से कितने लोग 'टू व्हीलर' चलाना जानते हैं?
वाह क्या बात है ! लगता है यहाँ कोई पैदल है ही नहीं... Sorry-sorry मेरा मतलब यहाँ कोई पैदल चलता ही नहीं है.
अच्छा तो…. आप बताएं...  आपके पास कौन सा 'टू व्हीलर' है?
और आपके पास?
और आपके पास?
और आपके पास?
क्या बात है!!! सबके पास एक-से-एक 'टू व्हीलर' है; लेकिन क्या किसी के पास भी 'साइकिल' नहीं हैं?
क्या कहा...'है' 
अगर है तो फिर उसके बारे में किसी ने बात क्यों नहीं की? उसमें भी तो 'टू व्हील्स' होते हैं ना. 
जानते हैं क्यों ... क्योंकि 'टू व्हीलर' एक Established Word है...या कहिये हो गया है, जैसे 'साइकिल' ! इसका मतलब ये हुआ कि जो बात Establish कर दी जाए, दिमाग उसी तरफ दौड़ता है.
अब एक बात और....आप में से कितने लोग 'टू व्हीलर' चलाना जानते हैं?
अरे इतने सारे लोग ... Good !
और कितने लोग 'साइकिल' चलाना जानते हैं?
अरे लगभग सब-के-सब!
सच-सच बताइयेगा इस बार जब मैंने ये सवाल किया तो कितने लोगों ने 'टू व्हीलर' सुनकर बाइक और स्कूटर के अलावा 'साइकिल' के बारे में भी सोचा.
अच्छा! सच में सोचा .... मतलब मेरी बात को कुछ लोगों ने ध्यान से सुना और फिर साइकिल के बारे में भी सोचा. इसका एक और मतलब हुआ, और वो ये कि बात का असर तुरंत होता है.
OK !!!!
अब एक और बात ... ये बताइये कि क्या कोई ऐसा भी है, जो 'टू व्हीलर' तो चलाना जानता है; लेकिन 'साइकिल' नहीं?
अरे वाह... मतलब सब 'टू व्हीलर' चलाने वाले साइकिल चलाना भी जानते हैं.
Great!
लेकिन क्या कोई ऐसा भी है; जो साइकिल' चलाना तो जानता है, लेकिन 'टू व्हीलर' नहीं?
अरे ऐसे तो बहुत लोग हैं... गिनके  देखता हूँ... एक... दो... तीन... छोड़िये गिनने से क्या होगा... एक बात तो साफ़ है... बहुत सारे लोग ऐसे हैं.
चलिए अब आगे बढ़ते हैं.
आपमें से कितने लोगों ने पहले 'साइकिल' चलाना सीखा और फिर 'टू व्हीलर' चलाना?
सबने 'साइकिल' चलाना पहले सीखा ... कमाल है!
चलिए अब और आगे बढ़ते हैं.
ध्यान से सुनकर बताइयेगा.
आपमें से कितने लोगों ने पहले 'टू व्हीलर'  चलाना सीखा और फिर 'साइकिल' चलाना?
क्या मतलब .... इतने सारे लोगों में एक भी ऐसा नहीं हैं,  जिसने 'टू व्हीलर' चलाना पहले सीखा और फिर 'साइकिल' चलाना!
अच्छा तो ये भी बताइये कि क्या सीखना ज़्यादा मुश्किल था 'टू व्हीलर' चलाना सीखना या फिर 'साइकिल' चलाना ?
ठीक कहा सबने .. मेरा अनुभव भी यही कहता है.  'साइकिल' चलाना सीखना ज़्यादा मुश्किल था. 
मतलब जब आप 'साइकिल' चलाना सीख रहे थे; तब एक्सीडेंट होने का खतरा, 'टू व्हीलर' चलाना सीखने से ज़्यादा था.
इस बात के हिसाब से तो 'साइकिल' चलाना सीखते समय 'लर्निंग लाइसेंस' ज़्यादा ज़रूरी है, और सीखने के बाद भी 'साइकिल' चलाने का लाइसेंस होना ज़रूरी है.... 'टू व्हीलर' के लाइसेंस से भी ज़्यादा ज़रूरी! मैं ठीक कह रहा हूँ ना?
सब चुप हैं.
लगता है कभी किसी ने ये सोचा ही नहीं?
नहीं ना ? 
अरे घबराइये मत... मैं सरकारों को 'साइकिल' का लाइसेंस देने और... और कमाई का एक और रास्ता बताने वाला नहीं हूँ.  मैं तो बस ये कह रहा था कि जिसमें जोखिम ज़्यादा है; उस पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए.
अब अगर सरकारों से पूछा जाये ऐसा क्यों... तो जानते हैं सरकारें क्या कहेंगी... कहेंगी 'साइकिल', Vehicle की परिभाषा में नहीं आती ... क्योंकि Vehicle का मतलब होता है... वो वाहन जो किसी शक्ति से चलता है, टेक्निकली कहें तो Powered Vehicle.   
मतलब आदमी की शक्ति की कोई इज़्ज़त ही नहीं है ?!? ये भी कोई बात हुयी. 
एक मतलब और निकला कि 'ड्राइविंग लाइसेंस' गाड़ी को दिया जाता है, चलाने वाले को नहीं.
इसमें कोई लॉजिक है भी या नहीं... बात समझ में नहीं आयी... जैसे इतनी लंबी बात में... जिसे कुछ लोग श्रोता की तरह सुन रहे थे; और कुछ पाठक की तरह पढ़ रहे थे… कोई लॉजिक है भी या नहीं… बात समझ में नहीं आयी.
मैं तो बस इतना कह के बात ख़त्म करना चाहता हूँ कि... ज़माना लंबी-लंबी बातों का है... बातों पर मत जाओ; अपना दिमाग चलाओ क्योंकि शुक्र है... अभी तक सोच के घोड़े दौड़ाने के लिए और दिमाग चलाने के लिए लाइसेंस की ज़रूरत नहीं है.
आपका नीलेश जैन 
मुम्बई