Saturday, December 28, 2013

अपने 'आप' को एक सीख 

बाहर से उजले 
अंदर से गंदे हैं 
किराये के बिस्तर की तरह 
सियासत के धंधे हैं 

बच के रहना! 
बचे रहना !!

अपने-आपका
नीलेश जैन
मुम्बई 

1 comment:

Vaanbhatt said...

बहुत खूब...