Thursday, January 6, 2011

ज़माना अज़ब सा हो गया है

ज़माना

अज़ब सा हो गया है

जिसके पास ज़्यादा है

उसी को लगता है

कहीं कुछ और कमी है।

हर कोई मशगूल है

ख़ुद में ... मगर

कहता है उसको

ज़माने की पड़ी है ।

सौ हाथ हैं

जिनके सहारे को

उनके पास ही

जादू की छड़ी है ।

जिनके पास

समय के लिए

समय ही नहीं

उनकी हर दीवार पर

एक घड़ी है ।


आपका नीलेश
मुंबई

4 comments:

Saurabh said...

Bahut khoob... Jinki har deewar pe ghadi hai, unhein har waqt kisi cheez ki hurry hai.

दिगम्बर नासवा said...

ये इस जमाने की रीत है ... जितना मिले कम है ..

उपेन्द्र ' उपेन ' said...

bahut sachchi bat aap kah rahe hai..........sunder prastuti.
सृजन - शिखर

Apanatva said...

sateek

aisaa hee hota hai.........

bahut khoob.