Wednesday, July 3, 2013

कैसे उजाड़ दूं

कैसे 
उजाड़
दूं 

???

मैं 
उसका 
चमन 
... जिसकी 
जड़ों
में 
मेरे
बाग़ 
की 
मिट्टी है !

आपका नीलेश

2 comments:

दिगम्बर नासवा said...

सच कहा ... बहुत मुश्किल है और करना भी नहीं चाहिए ...

Apanatva said...

neelesh jee ka google search ke liye naya ad Reunion dekha hoga.......
I am really proud to have known him . its pleasure to read you bith .God bless you