Tuesday, January 27, 2009

माँ कभी नहीं मरती!

Days back someone lost his mother...so I penned some lines for him...but in actual for whole world :

माँ के मन की झोली में
दुआओं की तिजोरी में
कभी कुछ कम नहीं पड़ता
माँ तो वो खजाना है
लुटाना जिसने जाना है
झूठा उसका जाना
है !

दर्द के हर एहसास में
पाया उसको पास में
रोटी की बनावट में
आज भी हर आहट में
उसी का गुनगुनाना है
लोरी सा तराना है
झूठा उसका जाना है !

खुशी-गम की पहेली में
वक्त की आँख -मिचोली में
कभी जो साथ न छोडें
ये वो रिश्ता पुराना है
माँ को आता निभाना है
झूठा उसका जाना है !

हमेशा साथ है मेरे
आज भी पास है मेरे
उसे खोकर भी पाना है
झूठा उसका जाना है !
झूठा उसका जाना है !!


Neelesh Jain
Mumbai

2 comments:

pv.kanpur said...

maa ke pyaar ka ehsaas khushnaseebon ko hi hota hai. bachpan ki maan aur jawaani ki maan main bada antar hota hai. jo kabhi hamaari khyaal rakhati thi, woh ab khyaal mangati hai. hmaare samay, hamaare pyar ki darkaar ab use bhi hai. kya woh unconditional love hum use de paate hain? pyaar to unconditional hi hona chahiye. maa budhi zaroor hui hai par uska pyaar abhi bhi vaisa hi hai.

gautam said...

Kya.hum aisa aaj bhi sochete hai(!)...Aa ab laut chale jaha ...