Friday, July 27, 2012

कहने को
एक ही दीवार पर होते हैं 
खिड़कियाँ और रोशनदान 
दोनों 
कहने को 
देते हैं एक-सी  हवा और रोशनी 
दोनों 
...

फिर भी अंतर  है 
रोशनदान 
हमेशा ऊपर होते हैं
ऊपर ही  रहते  हैं 
उन पर कभी नहीं होते  परदे
और 
खिड़कियाँ 
हमेशा नीचे होतीं हैं 
नीचे ही रहती हैं  
उन पर अक्सर होते हैं परदे
शायद इसलिए क्योंकि 
रोशनदान 
'होते'
 हैं 
और 
खिड़कियाँ 
'होती' 
हैं .


-- आपका नीलेश जैन 

2 comments:

दिगम्बर नासवा said...

बारीके से देखा है होते और होती के फर्क को ...
बहुत खूब ...

Vaanbhatt said...

पर आजकल खिड़कियाँ ऊपर होतीं हैं...और रोशनदान नीचे...खिड़कियाँ परदे पसंद नहीं करतीं...और रोशनदान शरमाया रहता है...