Tuesday, January 20, 2015

वही है ईंटा 
वही है गारा 
फिर भी 
फ़र्क बेमिसाल है 

जो दिखे वो 
दीवार;
जो न दिखे 
'बुनियाद' है 

आपका नीलेश
मुंबई 



2 comments:

Digamber Naswa said...

सच कहा ... सब कुछ नहीं है ...

Atul Jain said...

बहुत खूब.. जरूरी नहीं कि सब कुछ दिखे..